गिरौदपुरी धाम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यहाँ कई अत्यंत पवित्र और ऐतिहासिक दर्शनीय स्थल मौजूद हैं, जो गुरु घासीदास बाबा जी की साधना, चमत्कार और जीवन गाथा से सीधे जुड़े हुए हैं। आइए जानते हैं गिरौदपुरी के सभी 10 प्रमुख दर्शनीय स्थलों का विवरण:
1. 🗼 पावन जैतखाम (Shree Jaitkham Tower - 77 Meters)
गिरौदपुरी का मुख्य आकर्षण 77 मीटर (243 फीट) ऊँचा सफेद कंक्रीट से बना विशाल पावन जैतखाम है। यह दिल्ली के कुतुबमीनार (72.5 मीटर) से भी ऊँचा है। इसके शीर्ष पर सतनाम का पावन सफेद पालो (ध्वज) लहराता है। इसके अंदर लिफ्ट व सीढ़ियों की व्यवस्था है, जहाँ से गिरौदपुरी के वनों और महानदी का विहंगम दृश्य दिखाई देता है।
2. 🪨 अमर गुफा (Amar Gufa)
गिरौदपुरी धाम से लगभग 2 किमी दूर पहाड़ी पर स्थित यह वही पावन गुफा है जहाँ गुरु घासीदास जी ने कठोर तपस्या कर सत्य का साक्षात्कार किया था। गुफा के अंदर आज भी वह पाषाण शिला सुरक्षित है जिस पर बाबा जी ध्यान लगाते थे। यहाँ प्रवेश करते ही अद्भुत आध्यात्मिक शांति की अनुभूति होती है।
3. 👣 पावन चरण पादुका व अखंड ज्योति (Charan Paduka Mandir)
मंदिर प्रांगण में स्थापित वह पवित्र स्थल जहाँ पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी की प्रामाणिक चरण पादुकाएं (काष्ठ की खड़ाऊँ) सुशोभित हैं। यहाँ सदियों से अखंड पावन ज्योति प्रज्वलित है, जिसके दर्शन कर श्रद्धालु मनोकामनाएं मांगते हैं।
4. ⛰️ छाता पहाड़ (Chhata Pahar)
गिरौदपुरी से लगभग 5 किमी दूरी पर घने जंगलों के बीच स्थित प्राकृतिक पहाड़ी, जिसकी आकृति छाते जैसी है। यहाँ बाबा जी ने एकांत साधना की थी। पहाड़ी पर चढ़ने के लिए सुंदर सीढ़ियां बनाई गई हैं।
5. 💧 चरण कुंड एवं अमृत कुंड (Charan Kund & Amrit Kund)
अमर गुफा के समीप स्थित दो प्राकृतिक पावन जल कुंड। मान्यता है कि बाबा जी के चरण स्पर्श से यहाँ मीठे व औषधीय गुणों से युक्त जल की धारा फूटी थी। श्रद्धालु इस जल को 'अमृत' मानकर घर ले जाते हैं।
6. 🏛️ तपोभूमि मंदिर एवं गर्भगृह (Tapobhoomi Mandir)
मुख्य मंदिर परिसर जहाँ बाबा जी की पावन गद्दी स्थापित है। यहाँ प्रतिदिन प्रातः और संध्या आरती का आयोजन होता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं।
7. 🌊 सफ़ा धार (Safa Dhar Waterfall)
छाता पहाड़ की तलहटी में स्थित प्राकृतिक जलप्रपात और जलधारा, जहाँ प्रकृति का अनुपम सौंदर्य देखने को मिलता है।
8. 🦁 सिंह द्वार व भव्य प्रवेश द्वार (Singh Dwar)
गिरौदपुरी धाम परिसर का मुख्य द्वार, जो राजस्थानी और छत्तीसगढ़ी वास्तुकला के अद्भुत संगम से संगमरमरनुमा सफेद पत्थरों से निर्मित है।