सत्य ही मानव का आभूषण है
सतनाम पंथ के प्रवर्तक पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी की पावन जन्म एवं तपोभूमि गिरौदपुरी धाम (बलौदाबाजार, छत्तीसगढ़)। 77 मीटर ऊंचा विश्व प्रसिद्ध श्वेत जैतखाम, अमर गुफा, छाता पहाड़ एवं सत्य-समता का पावन तीर्थ।
सत्य, अहिंसा, करुणा, समानता और सदाचार के दिव्य मार्गदर्शक सिद्धांत जो मानव जीवन को पवित्र बनाते हैं।
सतनाम ही शाश्वत सत्य है। सदा सत्य बोलें और अपने मन, वचन व कर्म में सत्य का आचरण करें।
समस्त प्राणियों के प्रति करुणा रखें। किसी भी जीव को कष्ट न दें तथा मांसाहार का पूर्ण त्याग करें।
मदिरा, धूम्रपान व सभी प्रकार के नशीले पदार्थों से सर्वथा दूर रहकर शुद्ध व पवित्र जीवन जिएं।
मनखे-मनखे एक समान। जन्म या जाति के आधार पर कोई छोटा-बड़ा नहीं है, सभी ईश्वर की संतान हैं।
मातृशक्ति का सर्वोच्च आदर करें। समाज व परिवार में नारी को पूर्ण गरिमा व अधिकार दें।
दीन-दुखियों की निस्वार्थ सेवा करें, भूखों को अन्न और प्यासों को जल पिलाना सबसे बड़ा पुण्य है।
अपनी मेहनत और पसीने की कमाई खाएं, चोरी व परस्त्री गमन का त्याग कर निष्कलंक जीवन जिएं।
पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी की तपोस्थली, साधना गुफा एवं विश्व प्रसिद्ध जैतखाम के पावन दर्शन।
कुतुबमीनार से भी ऊँचा (77 मीटर / 243 फीट), यह दिव्य श्वेत स्तम्भ समूचे विश्व में शांति, सत्य व समता का सर्वोच्च प्रतीक है।
पुष्प शृंगार व श्वेत पालो से सुसज्जित पावन गर्भगृह जहाँ श्रद्धालु गुरु गद्दी के समक्ष नतमस्तक होकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
वह पावन पर्वत जहाँ बाबा जी ने तपस्या की। श्वेत सीढ़ियों से चढ़कर श्रद्धालु प्रकृति की गोद में स्थित तपोस्थली तक पहुँचते हैं।
गिरौदपुरी धाम आने वाले समस्त श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दैनिक दर्शन, आरती व मार्ग विवरण।
• निकटतम रेलवे स्टेशन: भाटापारा (Bhatapara — ~80 KM), बिलासपुर (Bilaspur — ~95 KM), रायपुर (Raipur — ~130 KM).
• निकटतम हवाई अड्डा: स्वामी विवेकानंद विमानतल, रायपुर (RPR — 135 KM).
• सड़क मार्ग: बलौदाबाजार, कसडोल एवं भाटापारा से नियमित बस व टैक्सी सेवा उपलब्ध है।