गुरु बालकदास जी बाबा गुरु घासीदास जी के बेटा रहिन। ओमन सतनामी समाज के मान-सम्मान बर तलवार उठाइन अउ रावत राजा कहलाइन। 1860 म ओराबांधा म बलिदान होइन।