"सत्य ही मानव का आभूषण है" एवं "मनखे-मनखे एक समान" के अमर संदेशवाहक परम पूज्य संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी के पावन विचारों के प्रचार-प्रसार व तीर्थयात्री जन-जागरूकता हेतु गिरौदपुरी धाम सूचना पोर्टल पर एक ऐतिहासिक एवं अनूठी पहल शुरू की गई है — "गाँव-गाँव के जैतखाम जोड़ो महाअभियान"। इस अभियान का उद्देश्य छत्तीसगढ़ समेत देश-विदेश के प्रत्येक गाँव, पारा, मोहल्ले और नगर में स्थापित पावन जैतखामों को एक ही पवित्र डिजिटल डायरेक्टरी (Digital Directory) पर संकलित करना है।

"जहाँ-जहाँ लहराए श्वेत पालो, वहीं सत्य और समता का उजियालो"

अपने गाँव के जैतखाम की फोटो, स्थापना वर्ष व गौरवशाली इतिहास को हमेशा के लिए संजोएं — इस स्वतंत्र जन-जागरूकता मंच से जुड़ें।

इस महाअभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?

छत्तीसगढ़ और भारत के हजारों गाँवों में सतनाम समाज और बाबा जी के अनुयायियों द्वारा पावन जैतखाम एवं श्वेत पालो (सफेद ध्वज) की स्थापना की गई है। प्रत्येक जैतखाम के पीछे गाँव के पूर्वजों की कठिन साधना, समर्पण, सामाजिक एकता और धार्मिक इतिहास जुड़ा हुआ है।

  • एकीकृत पावन डिजिटल डायरेक्टरी: सभी गाँवों के जैतखामों की जानकारी एक स्थान पर उपलब्ध होगी ताकि कोई भी श्रद्धालु किसी भी गाँव के जैतखाम का ऑनलाइन दर्शन कर सके।
  • इतिहास एवं संस्कृति का संरक्षण: जैतखाम का निर्माण कब हुआ, किसने नींव रखी, ऊँचाई कितनी है और वहाँ कौन-कौन से वार्षिक पर्व मनाए जाते हैं — इन सब का स्थायी डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा।
  • वैश्विक सतनाम बंधुत्व: देश-विदेश के महानगरों में रहने वाले युवा अपनी जड़ों और पैतृक गाँव के जैतखाम की जानकारी आसानी से देख व साझा कर सकेंगे।
  • 100% जनसहभागिता एवं निशुल्क सेवा: गाँव का कोई भी निवासी, युवा साथी, सतनाम समिति का पदाधिकारी या ग्राम सेवक अपने मोबाइल से 2 मिनट में जानकारी सबमिट कर सकता है।

पोर्टल पर आपके गाँव के जैतखाम की क्या-क्या जानकारी प्रदर्शित होगी?

जब आप अपने गाँव का जैतखाम पोर्टल पर जोड़ते हैं, तो वह एक आकर्षक 'दर्शन कार्ड' (Darshan Card) के रूप में प्रकाशित होता है, जिसमें निम्नलिखित विवरण शामिल होते हैं:

भव्य फोटो दर्शन

जैतखाम एवं पावन श्वेत ध्वज की स्पष्ट व आकर्षक तस्वीर।

गाँव, विकासखंड व जिला

गाँव/वार्ड का नाम, तहसील व जिले की पूरी भौगोलिक पहचान।

ऊँचाई व स्थापना वर्ष

जैतखाम की ऊँचाई (फीट में) और किस वर्ष में इसकी स्थापना हुई।

योगदानकर्ता / प्रेषक श्रेय

जानकारी भेजने वाले श्रद्धालु/ग्राम सेवक का नाम सम्मान सहित प्रकाशित।

अपने गाँव का जैतखाम कैसे जोड़ें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)

अपने गाँव का जैतखाम वेबसाइट पर जोड़ना बेहद आसान है। नीचे दिए गए 5 सरल चरणों का पालन करें:

1

वेबसाइट के 'गाँव-गाँव के जैतखाम' पेज पर जाएँ

अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में giroudpuri.com/village-jaitkham खोलें।

2

'अपने गाँव का जैतखाम जोड़ें' फॉर्म तक स्क्रॉल करें

पेज पर नीचे आपको एक फॉर्म दिखाई देगा, अथवा सीधे यहाँ क्लिक करके फॉर्म खोलें।

3

गाँव व जैतखाम का विवरण भरें

गाँव/स्थान का नाम, जिला, विकासखंड, जैतखाम की ऊँचाई (अनुमानित फीट में) एवं स्थापना वर्ष दर्ज करें।

4

सुंदर फोटो चुनें व अपना नाम लिखें

अपने फोन की गैलरी से जैतखाम की स्पष्ट फोटो अपलोड करें और प्रेषक के रूप में अपना नाम व मोबाइल नंबर लिखें।

5

'जैतखाम जानकारी सबमिट करें' बटन दबाएं

सबमिट करते ही आपकी प्रविष्टि सफलतापूर्वक दर्ज हो जाएगी और स्क्रीन पर पुष्टिकरण संदेश आ जाएगा।

🚀 अभी अपने गाँव का जैतखाम ऑनलाइन जोड़ें!

गाँव-गाँव के जैतखाम को दुनिया के सामने लाने के इस पावन अभियान में आज ही अपना अमूल्य योगदान दें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्र. 1: क्या वेबसाइट पर गाँव का जैतखाम जोड़ने का कोई शुल्क या फीस है?

उत्तर: बिल्कुल नहीं। यह समाज व श्रद्धालुओं के लिए शुरू की गई 100% निशुल्क जन-जागरूकता व सांस्कृतिक सेवा है।

प्र. 2: फॉर्म सबमिट करने के बाद जानकारी वेबसाइट पर कब दिखाई देगी?

उत्तर: आपकी प्रविष्टि सबमिट होते ही सेवा दल द्वारा फोटो व जानकारी की प्राथमिक समीक्षा की जाती है और 24 घंटे के भीतर इसे वेबसाइट पर लाइव प्रकाशित कर दिया जाता है।

प्र. 3: फोटो कैसी होनी चाहिए?

उत्तर: फोटो दिन के उजाले में खींची गई हो, जिसमें पूरा जैतखाम और ऊपर लहराता पावन श्वेत पालो (सफेद ध्वज) साफ व स्पष्ट नजर आ रहा हो। फोटो JPG, PNG या WEBP फॉर्मेट में होनी चाहिए।

प्र. 4: क्या हम गाँव में होने वाले वार्षिक मेले व गुरु घासीदास जयंती का विवरण भी डाल सकते हैं?

उत्तर: हाँ! फॉर्म के 'विशेष धार्मिक इतिहास / तथ्य' वाले बॉक्स में आप अपने गाँव में होने वाले पंथी नृत्य, 18 दिसम्बर जयंती समारोह, पालो ध्वजारोहण व भंडारे की पूरी जानकारी लिख सकते हैं।

|| जय सतनाम — सतनाम ही सार है ||