राजगुरु कुलमाता सफूरा माता जी
बाबा गुरु घासीदास जी की पावन धर्मपत्नीसिरपुर क्षेत्र की विदुषी एवं त्यागमयी कन्या माता सफूरा दाई ने बाबा गुरु घासीदास जी की कठिन साधना के वर्षों में गृहस्थ की संपूर्ण मर्यादा संभाली।
तपस्वी गुरु अमरदास जी की 12 वर्षों की अमर गुफा तपस्या के उपरांत उन्होंने सत्य की परख हेतु गोरसदान मुखपान परीक्षा ली तथा 5 संतानों को सत्य, समता और सतनाम संस्कारों से परिपोषित किया।