विश्व विख्यात वास्तुकला का अनुपम उदाहरण
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में स्थित गिरौदपुरी धाम का जैतखाम आधुनिक इंजीनियरिंग और आध्यात्मिक स्थापत्य कला का एक अद्भुत संगम है।
इसकी कुल ऊँचाई 77 मीटर (लगभग 243 फीट) है, जो दिल्ली के विश्व प्रसिद्ध कुतुबमीनार (72.5 मीटर) से भी साढ़े चार मीटर अधिक ऊँची है। यह समूचे एशिया महाद्वीप में सबसे ऊँचा धार्मिक श्वेत स्तम्भ है।
जैतखाम की प्रमुख विशेषताएँ:
- श्वेत रंग की भव्यता: पूरा स्तम्भ धवल श्वेत रंग का है, जो मन की निर्मलता, शांति और सत्य का प्रतीक है।
- शिखर पर श्वेत ध्वज: स्तम्भ के सर्वोच्च शिखर पर पवित्र सफेद पालो (ध्वज) लहराता है, जो दूर-दूर से श्रद्धालुओं को दर्शन देता है।
- परिक्रमा व जल कुंड: स्तम्भ के चारों ओर सुंदर परिक्रमा पथ एवं सामने स्वच्छ जल कुंड निर्मित है जिसमें जैतखाम का नयनाभिराम प्रतिबिंब दिखाई देता है।
- आधुनिक लिफ्ट व गैलरी: स्तम्भ के भीतर आधुनिक लिफ्ट और विभिन्न तलों पर दर्शन दीर्घाएँ बनी हुई हैं, जहाँ से गिरौदपुरी की सुरम्य वादियों का विहंगम दृश्य दिखाई देता है।
जैतखाम केवल ईंट और कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि बाबा जी के विचारों — सत्य, अहिंसा और समता — का आकाश चूमता हुआ अमर उद्घोष है।