सतनामी कौन हैं?
बाबा गुरु घासीदास जी के सत्य, समता, करुणा और स्वाभिमान के विचारों से प्रभावित होकर जिन लाखों लोगों ने पाखंड, मूर्तिपूजा, बलि प्रथा व छुआछूत का त्याग कर केवल एक निराकार सत्यपुरुष (सतनाम) में अपनी निष्ठा प्रकट की, वे 'सतनामी' कहलाए।
सत्य का आचरण, अहिंसा, सादगीपूर्ण जीवन और मूक जीवों पर दया ही सतनामी की शाश्वत पहचान है।