मंदिर खुला है दर्शन समय: प्रातः 06:00 से रात्रि 10:00 तक
बलौदाबाजार, छत्तीसगढ़
तृतीय पीढ़ी (खपरी गद्दी)

गुरु अतिबल दास जी

खपरी गद्दी संचालक एवं आध्यात्मिक पथप्रदर्शक

तृतीय पीढ़ी (खपरी गद्दी)

गुरु अतिबल दास जी

खपरी गद्दी संचालक एवं आध्यात्मिक पथप्रदर्शक
कालखंड 1894 – 20वीं शताब्दी
अवतरण / स्थान 1894 ई., खपरी / भण्डारपुरी धाम
संबद्ध तीर्थ धाम गुरुगद्दी खपरी, भण्डारपुरी धाम
गुरु अजबदास जी के ज्येष्ठ सुपुत्र, जिन्होंने खपरी गद्दी की नींव रखकर समाज में सतनाम भक्ति और सत्संग का प्रचार किया।

पावन जीवन गाथा एवं ऐतिहासिक योगदान

खपरी धाम गद्दी की स्थापना व संचालन, गुरु सुखनंदन दास जी व गुरु उबारन दास जी की शाखाओं के पूर्वज।

जीवन परिचय एवं खपरी गद्दी

गुरु अतिबल दास जी का जन्म 1894 ई. में गुरु अजबदास जी एवं गायत्री माता जी के गृह में हुआ। उन्होंने खपरी धाम में पूज्य गुरुगद्दी की स्थापना की।

उनके तपोबल और सत्संग से क्षेत्र के हजारों परिवारों ने सतनाम दीक्षा ग्रहण की और नशामुक्त जीवन का संकल्प लिया।

“सतनाम का सुमिरन और सात्विक जीवन ही मोक्ष का सच्चा मार्ग है।”