गुरु मुक्तावन दास जी
पावन जीवन गाथा एवं ऐतिहासिक योगदान
खपरी गद्दी का संचालन, 24 अक्टूबर 1947 को भण्डारपुरी में ऐतिहासिक गुरु दर्शन सम्मेलन की अध्यक्षता, सामाजिक चेतना का प्रसार।
जीवन परिचय एवं सामाजिक आंदोलन
गुरु मुक्तावन दास जी सतनाम गुरु वंश की खपरी गद्दी के तेजस्वी संचालक थे। वे गुरुगोसाईं अगमदास जी के समकालीन व चचेरे भ्राता थे।
डॉ. भीमराव अंबेडकर से ऐतिहासिक संबंध
सामाजिक कुरीतियों व विरोधियों द्वारा लगाए गए षड्यंत्रकारी मामले में बोधिसत्व डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने स्वयं कानूनी पैरवी कर गुरु मुक्तावन दास जी को बाइज्जत दोषमुक्त कराया था। इसके उपरांत उन्होंने समाज में शिक्षा, स्वाभिमान और संवैधानिक चेतना जगाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
24 अक्टूबर 1947: भण्डारपुरी गुरु दर्शन सम्मेलन
उन्होंने 24 अक्टूबर 1947 को भण्डारपुरी में आयोजित विशाल गुरु दर्शन सम्मेलन की अध्यक्षता की, जिसने स्वतंत्रता के समय सतनामी समाज को एकजुट और संगठित किया।